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जागो, उठो और हर गांव एक गुरुकुल बनाओ

अगर आज तुमने गुरुकुल परम्परा को नही बचाया तो कल तुम्हारे कोई मंदिर नही बचेंगे।

तुम्हारे ही बच्चे विदेशी शिक्षा लेकर उसमे होटल और बार खोलेंगे।

वे तुम्हारे भगवान के नाम पर सिगरेट और दारू पियेंगे।

तुम्हारी शक्तिपीठो पर हनीमून बनाने जाएंगे।

तुम्हारे अवतरो के नाम पर आइटम सॉंग बनाएंगे ।

द्वादश ज्योतिलिंग के गर्भ गृहमें जाकर गौमाता का मास खाएंगे ।

दिवलो पे चिपकाए हुए तुम्हारे महापुरुषों के चित्रों पर पेशाब करेंगे ।

तुम्हारे नाम पे श्राद्ध के दिनोंमें जुआखाना और वैश्यालय खोलेंगे।

अरे…वे तुम पर हसेंगे और थूकेंगे की मेरे पूर्वज कितने अंध श्रद्धालु और मूर्ख थे।

इसमें गलती किसी और कि नही तुम्हारी है । तुमने ही तो लाखोकी फी भरकर उसे अंतराष्ट्रीय और कॉन्वेंट स्कूल में भेजा था।

तुमने ही तो भगवान को न मानने वाली शिक्षण संस्थाओं की लंबी लंबी कतारमें खड़े रह कर डोनेशन दिया था ।

तुम ही तो थे वो जिसने अपने धर्म को बचाने के लिए मंदिरमें दान तो दिया पर गुरुकुल को बच्चे नही दिए।

खुद पूजा पाठ करते रहने से बच्चे संस्कारी नही बनते, यह कई लोगोने समझाया पर….पर तुम कहा जागृत थे।

बच्चो को संस्कार देने से बड़ा कोई धर्म है क्या ??? हजारो साल के इतिहास पढ़ने के बाद यह बात तुम कैसे भूल गए

पूरे समाज के सामने धर्म का ढोंग किया तुमने, तुमने और तुमने, तो मार भी तुम्हारा खड़ा किया हुआ यह विपरीत धर्म ही खायेगा…इसे कलयुग कहने का अधिकार तुम्हे नही, क्यूंकि तुम्ही इसके निर्माता हो।

जिस दिन इस देशमे गुरुकुलो की संख्या, मशीन से चलते मंदिर से बढ़ जाएगी….यह सब समस्या तब ही सुलझेगी।

जागो, उठो और हर गांव एक गुरुकुल बनाओ।🚩🙏

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